सामण्णं पज्‍जत्तमपज्‍जत्तं चेदि तिण्णि आलावा।
दुवियप्पमपज्‍जत्तं, लद्धीणिव्‍वत्तगं चेदि॥709॥
अन्वयार्थ : आलाप के तीन भेद हैं - सामान्य, पर्याप्‍त, अपर्याप्‍त। अपर्याप्‍त के दो भेद हैं - एक लब्ध्यपर्याप्‍त दूसरा निर्वृत्त्यपर्याप्‍त ॥709॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका