
सत्तण्हं पुढवीणं ओघे मिच्छे य तिण्णि आलावा।
पढमाविरदे वि तहा, सेसाणं पुण्णगालावो॥712॥
अन्वयार्थ : नरकगति में सामान्यपने सातों पृथ्वी संबंधी मिथ्यादृष्टि में तीन आलाप हैं। वैसे ही प्रथम पृथ्वी संबंधी असंयत में तीन आलाप हैं। तथा अवशेष पृथ्वी संबंधी अविरत और सर्व पृथ्वियों के सासादन, मिश्र इनके एक पर्याप्त ही आलाप है ॥712॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका