
ज्ञानमती :
आपस में सामान्य और, समवाय सदा संबंध रहित;;इन दोनों से द्रव्य गुणादिक, पदार्थ नहिं हैं संबंधित;;इसीलिए सामान्य तथा, समवाय अर्थ ये तीनों ही;;गगनकुसुमवत् ‘असत्’ अवस्तू हो जावे परमत में ही
सामान्य और समवाय का सर्वथा-संयोगादि प्रकार से संबंध नहीं है। क्योंकि संयोग दो द्रव्यों में ही होता है और इन दोनों के द्वारा अर्थ- पदार्थ संबंधित नहीं होता है। अत: सामान्य-समवाय और पदार्थ ये तीनों ही खपुष्प के समान असत् हो जायेंगे।
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