आर्यिका-ज्ञानमती
+
कथंचित् कार्य-कारण आदि का भेद-अभेद ठीक है
-
द्रव्यपर्याययोरैक्यं, तयोरव्यतिरेकत:।
परिणामविशेषाच्च, शक्तिमच्छक्तिभावत: ॥71॥
अन्वयार्थ :
ज्ञानमती
ज्ञानमती :
द्रव्य और पर्याय कथंचित्, एकरूप हैं अभेद ही;;क्योंकि उभय है अभिन्न उनका, पृथक्करण है शक्य नहीं;;द्रव्य और पर्याय कथंचित्, भिन्न कहे सर्वथा नहीं;;चूँकि भिन्न परिणमन भेद से, शक्तिमान अरु शक्ति से भी