
ज्ञानमती :
नाम भेद से संख्या से भी, द्रव्य और पर्याय पृथक्;;निज-निज लक्षण भेद उभय में, इसीलिए हैं पृथक्-पृथक्;; दोनों का है भिन्न प्रयोजन, अरु प्रतिभास भेद भी है;;इसी अपेक्षा द्रव्य और, पर्याय कथंचित् भिन्न रहें
द्रव्य और पर्याय में एकत्व हैं, क्योंकि वे दोनों सर्वथा भिन्न नहीं है तथा परिणाम विशेष से शक्तिमान, शक्तिभाव से, संज्ञा, संख्या की विशेषता से, अपने-अपने लक्षणों की भिन्नता से एवं प्रयोजनादि के भेद से वे दोनों नाना-भिन्न-भिन्न भी हैं, किन्तु सर्वथा भिन्न-भिन्न नहीं हैं।
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