
ज्ञानमती :
वक्ता आप्त नहीं होने से, हेतू से जो सिद्ध हुआ;;युक्तसिद्ध वह तत्त्व सदा ही, हेतू साधित कहा गया;;वक्ता आप्त यही होवे तो, उनके वचनों से साधित;;सभी तत्त्व निर्बाधरूप से, कहलाते आगम साधित
वक्ता के आप्त न होने पर जो हेतु से साध्य होता है, वह हेतु साधित है और वक्ता जब आप्त होता है, तब उसके वाक्य से जो सिद्ध होता है,वह आगम साधित है
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