+ विशेष का दूसरा भेद -
अर्थान्तरगतो विसदृशपरिणामो व्यतिरेको गोमहिषादिवत् ॥१॥
अन्वयार्थ : एक पदार्थ की अपेक्षा अन्य पदार्थ में रहने वाले विसदृश परिणाम का व्यतिरेक कहते हैं। जैसे - गााय, भैंस आदि में विलक्षणपना।

  टीका 

टीका :

अन्ये अर्थाः अर्थान्तराणि (अन्य पदार्थों में), तानि गतः (उनको प्राप्त) इस प्रकार अर्थान्तर गत शब्द क्या है और उसी प्रकार भिन्नभिन्न पदार्थों के स्थित होने पर विलक्षण धर्मपने का नाम व्यतिरेक है। जैसे - पारस्परिक विलक्षणता गाय और भैंस आदि तिर्यञ्च के पायी जाती है।
इति चतुर्थः परिच्छेद: समाप्तः


(इस प्रकार चतुर्थः परिच्छेद पूर्ण हुआ)