+ प्रमाणाभास -
ततोऽन्यत्तदाभासम् ॥1॥
अन्वयार्थ : पहले कहे गए प्रमाण से भिन्न प्रमाणाभास है।

  टीका 

टीका :

पहले कहे गए प्रमाण के स्वरूप, संख्या, विषय और फल से विपरीत फलाभास कहे जाते हैं।

तदाभास - यथार्थ स्वरूप से रहित होने पर भी उन जैसे प्रतिभासित होने वाले स्वरूपादि को तदाभास कहते हैं।

स्वरूपाभास - प्रमाण के स्वरूप से रहित विपरीत आभास को स्वरूपाभास कहते हैं।

संख्याभास - प्रमाण की यथार्थ संख्या से विपरीत अयथार्थ संख्या को संख्याभास कहते हैं।

विषयाभास - प्रमाण के वास्तविक विषय से विपरीत विषय को विषयाभास कहते हैं।

फलाभास - प्रमाण के फल से विपरीत फल को फलाभास कहते हैं।