
टीका :
पहले कहे गए प्रमाण के स्वरूप, संख्या, विषय और फल से विपरीत फलाभास कहे जाते हैं। तदाभास - यथार्थ स्वरूप से रहित होने पर भी उन जैसे प्रतिभासित होने वाले स्वरूपादि को तदाभास कहते हैं। स्वरूपाभास - प्रमाण के स्वरूप से रहित विपरीत आभास को स्वरूपाभास कहते हैं। संख्याभास - प्रमाण की यथार्थ संख्या से विपरीत अयथार्थ संख्या को संख्याभास कहते हैं। विषयाभास - प्रमाण के वास्तविक विषय से विपरीत विषय को विषयाभास कहते हैं। फलाभास - प्रमाण के फल से विपरीत फल को फलाभास कहते हैं। |