टीका
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सिद्धपक्षाभास
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सिद्धः श्रावणः शब्दः ॥14॥
अन्वयार्थ :
शब्द श्रवणेन्द्रिय का विषय है, यह सिद्धपक्षाभास है।
टीका
टीका :
शब्द कर्ण इन्द्रिय का विषय है इस प्रकार सिद्ध पक्षाभास जानना चाहिए। जिससे शब्द सुना जाता है, इसलिए श्रावण सिद्ध है ही। पुनः शब्द को पक्ष मानकर सिद्ध करना निरर्थक है।