विशेष :
| मोहनीय कर्म के उदय अधिकरण, बंध-सत्त्व आधेय त्रिसंयोग भंग |
| उदयस्थान |
बंधस्थान |
सत्वस्थान |
| 10 |
22 |
28,27,26 |
| 9 |
22,21,17 |
28,27,26,24,23,22 |
| 8 |
22,21,17,13 |
28,27,26,24,23,22,21 |
| 7 |
22,21,17,13,9 |
28,24,23,22,21 |
| 6 |
17,13,9 |
| 5 |
13,9 |
| 4 |
9 |
28,24,21 |
| 2 |
5,4 |
28,24,21,13,12,11 |
| 1 |
4,3,2,1 |
28,24,21,11,5,4,3,2,1 |
| गोम्मटसार कर्मकांड गाथा -- 665-668 |
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