((सवैया इकतीसा))
जैसैं काहू चंडाली जुगल पुत्र जने तिनि,
एक दीयौ बांभनकै एक घर राख्यौ है ।
बांभन कहायौ तिनि मद्य मांस त्याग कीनौ,
चंडाल कहायौ तिनि मद्य मांस चाख्यौ है ॥
तैसैं एक वेदनी करमके जुगल पुत्र,
एक पाप एक पुन्न नाम भिन्न भाख्यौ है ।
दुहूं मांहि दौरधूप दोऊ कर्मबंधरूप,
यातै ज्ञानवंत नहि कोउ अभिलाख्यौ है ॥३॥